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निकिता की यात्रा: अतीत से मुक्ति और नए रिश्तों की शुरुआत

निकिता की यात्रा: अतीत से मुक्ति और नए रिश्तों की शुरुआत
एक कॉल जिसने सब बदल दिया
कुछ दिन पहले राजस्थान की निकिता (काल्पनिक नाम) का फोन आया, जो बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में काम करती थी। वह रो रही थी और बार-बार सुसाइड की बात कर रही थी। मेरी टीम ने इसे इमरजेंसी केस मानते हुए ऑनलाइन सेशन तय किया।
जब हमने बातचीत शुरू की, तो उसने बताया, "मेरे पति नरेश (काल्पनिक नाम) का किसी दूसरी महिला के साथ चक्कर चल रहा है। मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है। अब मरने के अलावा कोई चारा नहीं।"
मैंने अपनी हिप्नोटिक टेक्निक से पाँच मिनट में ही उसे शांत कर दिया। जब वह स्थिर हुई, तब उसने अपनी कहानी साझा की।
भ्रम और सच्चाई के बीच का सफर
बातचीत के दौरान, निकिता बार-बार कह रही थी, "मुझे लगता है," "मेरा शक है," "मेरा अनुमान है।" यह सुनकर मैंने उससे पूछा, "क्या आपके पास कोई ठोस प्रमाण है?"
शुरुआत में वह चुप रही, फिर उसने बताया, "एक दिन मैंने नरेश को अपनी रिश्तेदार की बेटी के साथ अंडरवियर में सोते हुए देखा था।"
"क्या आपकी सास भी वहाँ थीं?"
"हाँ, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा।"
"क्या यह संभव है कि नरेश के परिवार की संस्कृति में ऐसा रहन-सहन सामान्य हो?"
"हो सकता है... लेकिन क्या सच में ऐसा होता है?"
"आप इसे एक बार जाँचिए, शायद कहानी कुछ और हो।"
हकीकत का सामना
एक हफ्ते बाद, जब निकिता दोबारा सेशन में आई, तो उसने बताया, "सर, हिप्नोटिक मेडिटेशन से मेरा मन बहुत शांत हुआ। अब रोना नहीं आता।"
जब मैंने पूछा कि क्या उसने नरेश के पारिवारिक संस्कृति के बारे में पता किया, तो उसने बताया, "वह लड़की नरेश की दूर की रिश्तेदार है और वे दोनों बचपन से भाई-बहन की तरह रहते आए हैं। हर रक्षा बंधन पर वह नरेश को राखी बाँधती है।"
फिर भी, निकिता ने कहा, "शायद नरेश का किसी और से अफेयर न हो, लेकिन वे मुझसे प्यार नहीं करते, मेरी केयर नहीं करते।"
अब मुझे समझ आ गया कि निकिता का अवचेतन मन उसकी मानसिक प्रोग्रामिंग के कारण रिश्ते में परेशानी ढूँढ रहा था।
बचपन की छवि और अवचेतन की पकड़
मैंने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा। उसने बताया कि उनके बीच का रिश्ता अच्छा नहीं था।
"आप किसे सबसे ज्यादा मिस करती हैं?"
"पिता को।"
"और माँ को?"
"उन्हें भी करती हूँ, लेकिन उनके लिए दया आती है, क्योंकि पापा उन्हें बहुत बुरा-भला कहते थे।"
"क्या आपको लगता है कि आप अपने पिता के व्यवहार को अनजाने में दोहरा रही हैं?"
वह चुप रही, फिर रोने लगी और बोली, "हाँ, कभी-कभी ऐसा लगता है।"
बचपन की हीलिंग
अब, उसे असली हीलिंग की जरूरत थी। मैंने उसे ट्रांस में ले जाकर उसके बचपन की सबसे कष्टदायक घटना में वापस पहुँचाया।
"आप अभी कहाँ हैं?"
"मैं पाँच साल की हूँ, अपने गाँव के घर में। माँ-पापा लड़ रहे हैं।"
"इस दृश्य को देखकर आपको कैसा महसूस हो रहा है?"
"बहुत घबराहट हो रही है।"
मैंने उसे अपने वर्तमान की 30 वर्षीय निकिता को उस सीन में लाने को कहा और माता-पिता के एक्सप्रेशन को ध्यान से देखने को कहा।
"पिता गुस्सा क्यों कर रहे हैं?"
"उन्हें चिंता है कि मेरी स्कूल फीस के पैसे पूरे नहीं हो पाएँगे।"
"और माँ क्या कर रही हैं?"
"वे मेरी फीस के लिए भगवान से प्रार्थना कर रही हैं।"
"तो, क्या अब आपको लग रहा है कि वे दोनों प्यार में थे, लेकिन बस अपने तरीके से इसे व्यक्त कर रहे थे?"
"हाँ, वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।"
"अब आप चारों लोग एक-दूसरे की ओर बढ़ें, गले लगाए, और अपने माता-पिता को अच्छी परवरिश के लिए धन्यवाद कहें।"
(निकिता जोर-जोर से रोने लगी, फिर शांत हो गई) अब उसने कहा, "मैंने ही चीजों को गलत समझ लिया था।"
जब निकिता ने अपने माता-पिता के रिश्ते को सही दृष्टिकोण से देखा, तो उसकी घबराहट पूरी तरह खत्म हो गई।
बदलाव और नया जीवन
अब, वह ट्रांस से बाहर आ चुकी थी, और उसकी पूरी ऊर्जा बदली हुई थी। एक हफ्ते बाद जब वह सेशन में आई, तो उसने नए आत्मविश्वास के साथ बताया, "सर, अब मैं ठीक हूँ। मैं अपनी खुद की कंपनी शुरू करना चाहती हूँ, और नरेश इसमें मेरी मदद कर रहे हैं।"
इस कहानी से यह स्पष्ट होता है कि हमारे रिश्तों की परेशानियाँ हमारे अतीत के अनुभवों से उपजती हैं, लेकिन सही मेंटरशिप और निरंतर अभ्यास से अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग को बदला जा सकता है। निकिता की तरह, कोई भी व्यक्ति अपने विषाक्त रिश्ते से बाहर आकर एक खुशहाल और सफल जीवन जी सकता है।
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कहानी के लेखक – अमित कुमार निरंजन
हिप्नोथेरेपिस्ट एवं ट्रासंफॉर्मेशन कोच
मोबाइल नंबर – 7024367070